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 कुछ किस्से

So here is the new poetry on “कुछ किस्से”

कुछ किस्से

कुछ किस्से

कुछ तू वजह दे,

तो कुछ मैं कहूँ,

कुछ तू कहे,

तो कुछ मैं बता सकूँ|

इतिहास गवाह है,

कुछ किस्से यूँ ही खत्म नहीं होते|

 

See also : Us raat main soya na tha

 

🖋Rick Thakur©

 

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